महात्मा गाँधी की जगह नोटों पर सुभास चंद्र बोस की होगी तस्वीर अब

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 भारत में नोटो पर महात्मा गांधी की तस्वीर होती है लेकिन अब एक ऐसी मांग देश में उठी है जिसमें कहा गया है कि क्रांतिकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर छपने चाहिए। ये मांग किसी और ने नहीं बल्कि सुभाष चंद्र बोस के परपोते “चंद्र कुमार बोस” ने की है। उन्होंने इससे संबंधित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भी लिखी है जिसमें उन्होंने कई मांगे की है और उनमें से एक मांग यह है कि सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर और भारतीय नोटों पर होनी चाहिए।

आप सभी को यह बता दें कि 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की जयंती है और उससे ठीक पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार वालों ने इस तरह की मांग रखी है। प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में सुभाष चंद्र बोस के परिवार वालों ने कहा है कि उनके जन्मदिन पर वह यह सुझाव दे रहे हैं। पत्र में यह भी लिखा गया है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्म दिवस 23 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाए। यह उन्हें सम्मानित करने के जैसा होगा। इतना ही नहीं उन्होंने ट्रेनों के चार डिब्बों को नेताजी मोबाइल संग्रहालय में बदलने की भी मांग की है। जिससे कि आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में लोग जान सके। पत्र में यह भी लिखा गया है कि दिल्ली स्थित इंडिया गेट के सामने नेताजी की प्रतिमा स्थापित की जाए।

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इसी तरह की मांग अनुज धर नाम के एक लेखक भी कर चुके हैं। उन्होंने ट्विटर पर एक नोट भी साझा की थी जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर छपी हुई थी।

सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में हुआ था। नेताजी एक संपन्न बंगाली परिवार से संबंध रखते थे। इन्होंने अपने इंडियन सिविल सर्विस की तैयारी के लिए लंदन के कैंब्रिज यूनिवर्सिटी चले गए। लेकिन 1921 में भारत में बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों का समाचार पाकर वह भारत वापस लौट आए और सिविल सर्विस की तैयारी करनी छोड़ दी। इसके बाद ए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ जुड़ गए थे और देश को आजाद कराने की मुहिम का हिस्सा बन चुके थे। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु एक हवाई दुर्घटना में 18 अगस्त 1945 में हुई थी।

इनके जन्मदिवस को भारत सरकार ने पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। जिस पर भारत सरकार के सांस्कृतिक मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की है। संस्कृति मंत्रालय ने अपने सूचना में लिखा है कि भारत के लोग नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती में किस महान राष्ट्र के लिए उनके अतुल योगदान को याद करते हैं।

इनके जन्म दिवस को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि इनका राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इनका सत्कार किया जा सके।

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क्या ऐसा होना चाहिए आप कमेंट में जरूर बताएं।

note of netaji subhash chandra bos
note of netaji sc boss

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In India, there is a picture of Mahatma Gandhi on the note, but now a demand has arisen in the country in which it has been said that the picture of revolutionary Netaji Subhash Chandra Bose should be printed. This demand has been made by none other than “Chandra Kumar Bose”, the great-grandson of Subhash Chandra Bose. He has also written a letter to Prime Minister Narendra Modi related to this, in which he has made many demands and one of them is that the picture of Subhash Chandra Bose should be on Indian currency notes.

Let us tell you that January 23 is the birth anniversary of Subhas Chandra Bose and just before that the family members of Netaji Subhash Chandra Bose have made such a demand. In a letter to the Prime Minister, the family members of Subhas Chandra Bose have said that they are suggesting this on his birthday. It has also been written in the letter that January 23, the birthday of Netaji Subhash Chandra Bose, should be declared a national holiday. It would be like honoring them. Not only this, he has also demanded to convert four coaches of trains into Netaji Mobile Museum. So that people can know about Netaji Subhash Chandra Bose, the founder of Azad Hind Fauj. It has also been written in the letter that Netaji’s statue should be installed in front of India Gate in Delhi.

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A similar demand has also been made by a writer named Anuj Dhar. He had also shared a note on Twitter in which Netaji Subhas Chandra Bose’s picture was printed.

Subhas Chandra Bose was born on 23 January 1897 in Cuttack, Orissa. Netaji belonged to an affluent Bengali family. He went to Cambridge University in London to prepare for his Indian Civil Service. But in 1921, he returned to India after receiving the news of the increasing political activities in India and stopped preparing for the civil service. After this, A joined the Indian National Congress and became a part of the campaign to liberate the country. According to government records, Subhas Chandra Bose died in an air crash on 18 August 1945.

The Government of India has decided to celebrate his birthday as Parakram Diwas. On which the Ministry of Culture, Government of India has issued a notification. The Ministry of Culture has written in its information that on the birth anniversary of Netaji Subhas Chandra Bose, the people of India remember his incomparable contribution to the great nation.

The decision has been taken to celebrate his birthday as Parakram Diwas so that he can be felicitated at the national and international level.

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